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टीआरए समन्वय समिति की पहली बैठक आयोजित
नई दिल्ली/ देश में वस्त्र अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को अधिक प्रभावी, समन्वित और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में वस्त्र मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वस्त्र अनुसंधान संघों ;टीआरएद्ध की समन्वय समिति की पहली बैठक का आयोजन किया। यह बैठक आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में तथा सचिव ;वस्त्रद्ध श्रीमती नीलम शमी राव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। पूरे दिन चली इस गहन विचार-विमर्श बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न वस्त्र अनुसंधान संघों, निर्यात संवर्धन परिषदों ;ईपीसीद्ध, आईआईटी दिल्ली सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में वस्त्र अनुसंधान एवं नवाचार को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ते हुए एक समन्वित राष्ट्रीय वस्त्र अनुसंधान ढांचा तैयार करना रहा। समिति ने फाइबर विज्ञान, तकनीकी वस्त्र, स्थिरता और नवाचार-आधारित विकास में टीआरए की रणनीतिक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। ‘उद्योग के लिए अनुसंधान’ की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें अनुसंधान को व्यावहारिक, अनुप्रयोग-उन्मुख और बाजार की मांगों के अनुरूप बनाने पर सहमति बनी।
चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में प्रयोगशाला अवसंरचना को वैश्विक मानकों के अनुरूप उन्नत करना, उद्योग-संचालित अनुसंधान को बढ़ावा देना, टिकाऊ और चक्रीय ;सर्कुलरद्ध वस्त्र समाधानों का विकास तथा स्थिरता और रीसाइक्लिंग के क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्रों को सुदृढ़ करना शामिल रहा। मंत्रालय ने स्मार्ट टेक्सटाइल के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह क्षेत्र भविष्य में भारत के लिए नए अवसर और बाजार खोल सकता है।
बैठक में सीएसआईआर के अंतर्गत संचालित योजनाओं सहित अन्य सरकारी अनुसंधान एवं विकास पहलों के साथ तालमेल स्थापित करने पर बल दिया गया। साथ ही, प्रभावी ज्ञान प्रसार और नवाचार को गति देने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ गहरे सहयोग की आवश्यकता पर सहमति बनी। भविष्य उन्मुख विषयों जैसे फोरसाइट मॉडलिंग, पर्यावरण-अनुकूल सामग्री मिश्रण, इलेक्ट्रॉनिक फाइबर तथा स्वास्थ्य सेवा, रक्षा और इंटेलिजेंट वातावरण के लिए उन्नत ई-टेक्सटाइल सिस्टम जैसे उभरते अनुप्रयोगों पर भी विचार किया गया।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन ;एनटीटीएमद्ध, पीएम मित्र पार्क्स, तथा विभिन्न निर्यात संवर्धन एवं समर्थन योजनाएं नवाचार को प्रोत्साहित करने, उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और भारत को वैश्विक वस्त्र नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
अंत में, वस्त्र अनुसंधान संघों के बीच समन्वय को और मजबूत करने, अनुसंधान एवं नवाचार का प्रभावी उपयोग करने तथा भारतीय वस्त्र उद्योग की दीर्घकालिक वृ(ि और वैश्विक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने के साझा संकल्प के साथ बैठक का समापन हुआ।
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