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जिंदल सॉ लिमिटेड ने अवैध खनन के आरोपों को किया खारिज
By Textile Mirror - 26-07-2025

'राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट, खनन पूरी तरह वैध'  –जिंदल सॉ लिमिटेड

भीलवाड़ा/ हाल ही में एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट “चारागाह में जिंदल का अवैध खनन, काम रुकवाने के बाद तहसीलदार का तबादला, फिर एसडीएम एपीओ” को लेकर जिंदल सॉ लिमिटेड ने अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट करते हुए खबर को मिथ्या, भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। कंपनी ने बताया कि वह राज्य सरकार से वैध रूप से आवंटित लीज क्षेत्र संख्या 631/05 में ही खनन कार्य कर रही है, जो कि राजस्व ग्राम सुरास की आराजी संख्या 2096 (चारागाह) के आंशिक हिस्से में आता है।

कंपनी के अनुसार, लीज एरिया में 153 बीघा 10 बिस्वा (38.824 हेक्टेयर) रकबा शामिल है, जिसका नया राजस्व रिकॉर्ड नंबर 2096/1 है और इसे राजस्व नक्शे में अलग से चिन्हित किया गया है। यह क्षेत्र राजस्व रिकॉर्ड में कंपनी के नाम दर्ज है।

जिंदल सॉ लिमिटेड ने बताया कि राजस्व व भू-प्रबंधन विभाग द्वारा 9 फरवरी 2024 को संयुक्त मौका सर्वे और सुपरइम्पोज नक्शा रिपोर्ट के जरिए यह स्पष्ट किया गया था कि आराजी संख्या 2096/1 का रकबा 5.3625 हेक्टेयर है, जो पूर्व में डिजिटलाइजेशन के दौरान ऑनलाइन नक्शे में गलत दर्शाया गया था। वहीं, समाचार पत्र द्वारा जिस अवैध खनन की बात कही गई है, वह इसी तकनीकी त्रुटि पर आधारित है।

कंपनी ने जोर देकर कहा कि 04 जून 2025 को जिला कलेक्टर के निर्देश पर पुनः अधीक्षण खनिज अभियंता, सहायक खनिज अभियंता और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सर्वे किया, जिसमें यह निष्कर्ष सामने आया कि कंपनी अपने वैध रूप से आवंटित क्षेत्र में ही खनन कर रही है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं पाई गई।

जिंदल सॉ लिमिटेड ने यह भी बताया कि पूर्व में 12 फरवरी 2024 को भी इसी प्रकार की शिकायत की पुष्टि नहीं होने पर स्थानीय अखबार ने ही “चारागाह में अवैध खनन नहीं निकला, लीज एरिया में छह हेक्टेयर कम” शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।

कंपनी ने कहा कि कुछ शिकायतकर्ता भ्रामक तथ्यों के आधार पर आर्थिक व व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति हेतु बिना तथ्य के शिकायतें कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य खनन कार्य को बाधित करना है। उन्होंने अपील की कि प्रेस और प्रशासन केवल वैध तथ्यों के आधार पर कार्य करें और कंपनी के पक्ष को सुने बिना ऐसी भ्रामक रिपोर्टिंग से बचें।

कंपनी का दावा है कि वह सभी वैधानिक मानकों का पालन करते हुए पारदर्शी रूप से खनन कर रही है और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया का पालन कर रही है।

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