It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.
Please update to continue or install another browser.
Update Google ChromeYarn Rates
नई दिल्ली/भारतीय टेक्सटाइल उद्योग ने केंद्र सरकार से 11 प्रतिशत आयात शुल्क को तत्काल समाप्त करने की मांग की है, ताकि उत्पादन लागत कम की जा सके और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बरकरार रहे। उद्योग संगठनों का कहना है कि वर्तमान शुल्क संरचना से घरेलू निर्माताओं पर लागत का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जबकि कच्चे कपास की कीमतें पहले से ही ऊँचाई पर हैं।
कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि कपास आयात पर टैक्स हटाने से वस्त्र इकाइयों को कच्चा माल सस्ते दामों पर उपलब्ध होगा, जिससे निर्यात-उन्मुख उत्पादन को गति मिलेगी। उनका मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्यकृखासकर अमेरिका द्वारा भारतीय वस्त्रों पर बढ़ाए गए टैरिफकृमें उत्पादन लागत घटाना बेहद ज़रूरी हो गया है।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, आयात शुल्क हटाने से न केवल तैयार कपड़ों की कीमतों में स्थिरता आएगी, बल्कि निर्यात ऑर्डर को समय पर पूरा करने की क्षमता भी बढ़ेगी। फिलहाल सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन वाणिज्य मंत्रालय ने उद्योग प्रतिनिधियों के सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।