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निकाली भव्य शोभा यात्रा: दधिमति माता को लगाया 56 भोग
भीलवाड़ा/दाधीच समाज द्वारा श्री माँ दधिमथी मंदिर के प्राकट्य महोत्सव को बड़े उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ भव्य रूप से मनाया गया। यह महोत्सव दाधीच समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखते हुए समाज के हजारों लोगों के लिए आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा है।
25-26 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में माँ दधिमथी के दुग्धाभिषेक से हुई, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता के अभिषेक द्वारा विश्व शांति और समृद्धि की कामना की गई। तत्पश्चात विधिविधान से हवन आयोजित हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं और मंदिर परिसर को धार्मिक उत्साह से भर दिया।
इस अवसर पर दाधीच समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं भक्तजन उपस्थित रहे। न्यास अध्यक्ष हरिप्रकाश कंठ और मंदिर समिति के अध्यक्ष हीरालाल ओझा ने श्रद्धालुओं का स्वागत और धन्यवाद करते हुए समाज के एकता और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। मुख्य अतिथि जिला दाधीच मंडल अध्यक्ष राजमल जोशी ने युवाओं को परंपराओं से जोड़ने और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों तथा समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में मोहनलाल शर्मा, घनश्याम शर्मा, हरिश कुदाल, ओमप्रकाश शर्मा सहित अनेक योगदानकर्तागण शामिल रहे, जिन्हें उनके समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया। आयोजक मंडल ने भजन गायिका दीपा दाधीच और पत्रकार राजीव दाधीच को “दाधीच गौरव सम्मान” से भी नवाज़ा।
माँ दधिमथी को छप्पन भोग का भव्य प्रसाद अर्पित किया गया, और तत्पश्चात महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें पूरा पांडाल माता भक्तों के जयकारों से गुंजायमान रहा। अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और कार्यक्रम का समापन भक्तों की गरिमामयी उपस्थिति के साथ हुआ।
इस प्रकार दाधीच समाज का प्राकट्य महोत्सव न केवल धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए एकता, श्रद्धा और सांस्कृतिक सम्मान की भावनाओं को एक साथ जोड़ने वाला उत्सव भी साबित हुआ।