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बालोतरा/ आगे होली के त्योहार को दृष्टिगत रखते हुए उत्पादक अधिकाधिक उत्पादन लेने को व्यग्र है। यहां होली के बाद लगभग 15 से 20 दिनों तक औद्योगिक क्षेत्र में विरानी छाई रहती है। प्रायः अधिकांश मजदूर यहां से कूच कर जाते हैं। इससे न तो धुपाई कार्य होता है और न ही रंगाई-छपाई का। प्रोसेस हाउस भी बंद रहने से फिनिशिंग का कार्य भी नहीं हो पाता। इससे फोल्डिंग पैकिंग का काम भी खटाई में पड़ जाता है। वैसे उद्यमियों में यह आशंका अवश्य व्याप्त है कि आगे ग्राहकी का वातावरण बनेगा या जो हवा चल रही है कि कपड़ा बाजार भी भारी मंदी के शिकंजे में जकड़ जायेगा। वर्तमान में शेयर बाजार की भयंकर मंदी ने सभी को झकझोर दिया है। मार्च का महीना होने से रकम की आवक कमजोर हो गई है। पैसांे का फ्लो किसी भी हालत में इस माह के अंत तक सुधरने की संभावना नहीं है। व्यापारियों को भुगतान से ज्यादा एडजस्टमेंट के लिए रकम रोकने की जरूरत बनी हुई है।
प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों के पास इस मंदी की धुंध में भी संतोषजनक कार्य बताया जा रहा है। ग्रे क्लॉथ के भाव स्थिर अवस्था में है और इतना होने पर भी विशेष सौदे पड़ नहीं रहे हैं। उत्पादक केवल मात्र अपना ही ग्रे क्लॉथ खरीद रहे हैं। जिसकी उन्हें तत्काल नितांत आवश्यकता है। बाजार की विद्यमान परिस्थ्तिियों में उत्पाादकों को भी भय है कि आगे बाजार में ग्रे क्लॉथ के भाव क्या करवट ले सकते है। सभी कोई चख-चख कर सोच समझ के साथ काम आगे बढ़ा रहे हैं।
दिसावरी मण्डियों में जो भी मांग उभरती है वह रेडी माल की है। उसलिये उत्पादक भी रेडी ग्रे क्लॉथ अपनी सीमा में खरीद करने को मजबूर है। पोपलीन नाईटी क्लॉथ, पेटीकोट, अस्तर, रूबिया, पोकेटिंग क्लोथ, साड़ी फॉल के साथ अन्य आइटमों की चालानी सामान्य स्तर पर है। जहां तक भावों का प्रश्न है। उद्यमियों ने अपने उत्पादों के भावों में कोई कमी नहीं की है। फेंट रेग्ज की मांग अच्छी है। परंतु पर्याप्त माल नहीं मिल पा रहा है। फेंट रेंग्ज के भाव सभी प्रतिष्ठानों की अपनी साख के अनुसार है। इस माल की कमी के कारण नामचीन प्रतिष्ठानों के पास काफी सारे ऑफर पेंडिंग बताये जा रहे हैं।
गारमेण्ट के क्षेत्र में इन दिनों अच्छा कार्य हो रहा है। बेबी सूट, सलवार सूट, नाईटी शर्ट आदि उत्पादकों के पास काम की कमी नहीं है। वे अपनी क्षमता के अनुसार उत्पादन कर रहे है। फिर भी माल चालानी में विलम्ब होना ही बताया जा रहा है। कुछ उत्पादक जो टेक्नीकल टेक्सटाइल के उत्पादों का निर्माण कर रहे है। उन्हें अच्छा रेस्पोंस मिल रहा है। स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता व कम लागत से मण्डियों में कद्र है। बालोतरा अब जिले के दर्जे से चिन्हित होने से विकास के कई आयाम खुलने के आसार है। प्रारम्भ में सौन्दर्यकरण व सफाई क्षेत्र में कुछ कार्य हुआ तो यह जिला आदर्श के रूप में आये बिना नहीं रहेगा। सरकारी सहयोग खुल कर आने से यह क्षेत्र एक वर्चस्वी रूप धारण कर पायेगा और टेक्सटाइल पार्क का आधार बनेगा।